Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ में बिजली बिल नहीं भरने वालों पर अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बिलासपुर, मुंगेली और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में हजारों उपभोक्ताओं की सप्लाई स्मार्ट मीटर के जरिए बंद कर दी है। कंपनी के मुताबिक, 24 नवंबर और 3 दिसंबर को कुल 2,126 कनेक्शन काटे गए, जिन पर 8 करोड़ 32 लाख रुपये से ज्यादा का बकाया था। कंपनी का कहना है कि इन उपभोक्ताओं को कई बार चेतावनी दी गई। इसके साथ ही, नोटिस भी भेजे गए फिर भी बिजली बिल नहीं भरा गया। ऐसे में नियमों के अनुसार, कनेक्शन काटने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
कंपनी अधिकारियों ने बताया कि जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगे हैं, उनके कनेक्शन अब मुख्यालय से ही बंद किए जा सकते हैं। इसके लिए किसी टीम को मौके पर भेजने की जरूरत नहीं होती। ऐसे में इन सभी 2,126 उपभोक्ताओं की सप्लाई सीधे सिस्टम से ही काट दी गई।
Chhattisgarh: दी थी चेतावनी
बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक ए.के. अम्बस्ट ने साफ चेतावनी दी है कि अगर किसी उपभोक्ता का बिल जमा होने के बावजूद गलती से सप्लाई बंद हो जाए, तो कोई भी मीटर बाइपास करने जैसे गलत तरीके का इस्तेमाल न करें। ऐसा करना बिजली चोरी माना जाएगा और उस पर अलग से कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता सीधे अपने क्षेत्र के मैदानी अधिकारी से संपर्क करें, ताकि स्मार्ट मीटर के जरिए उनकी सप्लाई तुरंत शुरू करवाई जा सके। बिजली कंपनी बार-बार कह रही है कि हर महीने समय पर बिल चुकाने से न तो उपभोक्ताओं को परेशानी होगी और न ही सप्लाई बाधित होगी।
सिस्टम चालू
अधिकारियों की मानें तो कई लोग हर महीने बिल जमा नहीं करते, जिससे जमा-जमा कर हजारों की रकम लाखों में बदल जाती है। इससे कंपनी पर भारी आर्थिक बोझ आता है। वहीं, कनेक्शन कटने के बाद अकेले 478 उपभोक्ताओं ने मिलकर 1 करोड़ 06 लाख रुपये जमा कर दिए। उनका भुगतान मिलते ही स्मार्ट मीटर सिस्टम से उनकी सप्लाई फिर से चालू कर दी गई। कई लोग नियमों को हल्के में लेते हैं, जिससे वे खुद और कंपनी दोनों मुसीबत में पड़ जाते हैं।
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