CBSE Exam 2026 : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 से 10वीं कक्षा की परीक्षा पैटर्न में बड़ा बदलाव लागू करने की तैयारी कर ली है। बुधवार को पटना के एक होटल में स्कूल प्रबंधकों और प्राचार्यों की बैठक में बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक गोपाल लाल यादव ने इसकी औपचारिक जानकारी दी। बता दें कि उन्होंने साफ कहा कि 2026 से 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार होगी और इसी वजह से प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिका दोनों के नियम भी बदल दिए गए हैं। नई व्यवस्था के अनुसार, अब प्रश्न पत्र A, B और C इन तीन पार्ट में बंटा रहेगा। इसी तरह 32 पेज की जो उत्तर पुस्तिका मिलेगी, वह भी इन्हीं तीन सेक्शन में विभाजित होगी।
विद्यार्थी को जिस पार्ट में प्रश्न दिया गया है, उसी पार्ट में उसका जवाब लिखना होगा। अगर किसी ने पार्ट-A का उत्तर पार्ट-B में लिख दिया, तो उस प्रश्न का एक भी नंबर नहीं मिलेगा। निदेशक ने प्राचार्यों से कहा कि वे छात्रों को इसकी लगातार प्रैक्टिस कराएं, क्योंकि आदत नहीं बदली तो बच्चे नंबर गंवा देंगे।
CBSE Exam 2026: जानें कब आएगा मॉडल पेपर
बैठक के दौरान कई स्कूल प्रबंधकों ने पूछा कि नए पैटर्न के मुताबिक मॉडल पेपर कब जारी होंगे। जवाब में क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि बहुत जल्द बोर्ड की वेबसाइट पर मॉडल पेपर अपलोड कर दिए जाएंगे। स्कूल इन्हें डाउनलोड कर छात्रों को नए नियमों के हिसाब से उत्तर लिखने का अभ्यास करा सकेंगे। स्कूलों की तरफ से यह सवाल भी उठा कि परीक्षार्थी यदि अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका मांगेंगे तो क्या किया जाए। इस पर निदेशक ने साफ कहा कि इस बार अतिरिक्त कॉपी नहीं दी जाएगी। छात्रों को पार्ट-C को ही अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका के तौर पर इस्तेमाल करना होगा। इसलिए यह जानकारी हर छात्र तक पहले से पहुंचाना जरूरी है।
ऑस्ट्रेलिया में भी खुलेंगे
बैठक के दौरान एक और बड़ी जानकारी साझा की गई। गोपाल लाल यादव ने बताया कि भारत सरकार ऑस्ट्रेलिया में CBSE स्कूलों का विस्तार करने की तैयारी में है। बहुत जल्द भारत और ऑस्ट्रेलिया सरकार के बीच इस बारे में एमओयू साइन होने वाला है। उन्होंने कहा कि यह CBSE के लिए बड़ी उपलब्धि होगी और भारतीय शिक्षा मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
शिक्षकों की जिम्मेदारी सबसे बड़ी
निदेशक ने स्कूल प्राचार्यों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि लाखों बच्चों का भविष्य शिक्षकों की मेहनत पर टिका है। उन्होंने सलाह दी कि स्कूलों को मिलने वाली बोर्ड की राशि का सही हिसाब दिया जाए, वरना गड़बड़ी मिलने पर स्कूल की संबद्धता भी खत्म की जा सकती है। बैठक में पटना और आसपास के सैकड़ों निजी स्कूलों के प्रबंधक, प्राचार्य और शिक्षक मौजूद रहे। सभी ने नए पैटर्न और निर्देशों को लेकर अपनी राय भी रखी।
Read More : Masik Kalashtami:11 दिसंबर को मनाई जाएगी कालाष्टमी, अवश्य करें ये उपाय; आएगी सुख-समृद्धि




