बिहार के प्रणव समेत 5 युवक इरान में फंसे, PM मोदी से वतन वापसी के लिए मांग रहे मदद

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें 5 युवक भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निवेदन कर रहे हैं कि उन्हें इरान में नौकरी का झांसा देकर भेजा गया और यहां ड्रग्स के केस में फंसा दिया गया. लड़कों ने अपनी जान को खतरा बताते हुए वापस भारत बुलाने की गुहार पीएम मोदी से कर रहे हैं. भारत से कई लोग पैसे कमाने की मंशा से विदेश जाते हैं. लेकिन आये दिन कइ ऐसे मामले सामने आते हैं जब खुलासा होता है कि उन्हें झांसा देकर वहां भेजा गया और अब वो संकट में घिर चुके हैं. सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक वीडियो वायरल हो रहा है.जिसमें बिहार के छपरा निवासी एक युवक समेत 5 भारतीय प्रधानमंत्री मोदी से उन्हें वापस भारत लाने की गुहार लगा रहे हैं.

पांचों युवक मर्चेंट नेवी का कोर्स करने के बाद नौकरी के चक्कर में एक दलाल के झांसे में फंस गये. ये पांच युवक महाराष्ट्र, तमिलनाडू, उत्तराखंड और बिहार के हैं. परिजनों का दावा है कि इनसे 5-5 लाख रुपये लेकर दुबई भेजा गया. वहां से ईरान जाने वाली एक शिप पर चढ़ा दिया गया. युवकों को यह भनक नहीं था कि इस जहाज पर चढ़कर वो बड़ी मुसीबत में फंसने जा रहे हैं. पिछले साल फरवरी में ईरानियन ऑथरिटी ने शिप सहित इन सभी को ड्रग्स स्मगलिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. एक साल से अधिक जेल की सजा काटने के बाद ये युवक खुद को बेगुनाह साबित कर छूट गये. इन युवकों में एक बिहार के छपरा जिला के रहने वाले प्रणव भी शामिल है. प्रणव गरखा प्रखंड के जोरनीपुर, साधपुर निवासी अवधेश तिवारी का छोटा पुत्र है. बताया जा रहा है कि इरान की अदालत ने इन युवकों को निर्देश बताकर छोड़ने का आदेश भी दिया और इनके सभी कागजातों को वापस करने का भी आदेश जारी किया. लेकिन इरान के अधिकारियों ने अदालत के फैसले को अनसुना कर दिया है.

बिहार निवासी प्रणव समेत पांचो लड़कों ने अब वीडियो के जरिये पीएम मोदी से गुहार लगायी है. लड़कों का कहना है कि भारतीय दूतावास ने भी उनकी मदद नहीं की. दस्तावेजों और पैसे के बिना अब समस्याएं और बढ़ गयी है. 3 मिनट 17 सेकेंड का वीडियो जारी कर लड़कों ने अपने साथ धोखाधड़ी की बात कही. वो पीएम मोदी से गुहार लगाकर कह रहे हैं कि ”वतन बुला लीजिए पीएम साहब, नहीं तो मर जाएंगे”.

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