विधायक रामकिशन भार्गव पर जनता लगा रही गंभीर आरोप।

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लखनऊ:अपने भांजे को बचाने के लिए पूरे गांव के लोगों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है पुलिस पर इतना दबाव बना दिया है कि पुलिस मजबूरन झूठा मुकदमा दर्ज कर रही है।
उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार ,सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ योगी जिनसे गलत करने वाले विधायक भय खाते हैं लेकिन नही भय खाते हैं तो मिश्रिख विधायक रामकृष्ण भार्गव ।सीतापुर पुलिस पर इतना दबाव बनाया दिया कि मजबूरन पुलिस को लूट का मुकदमा दर्ज करना पड़ा जो झूठा है,पुलिस सबकुछ जानती हुई चुप है क्यों सत्ता धारी विधायक का हाथ जो है इस प्रकरण में हैं।
पूरा मामला 4 मई की रात को थाना सदना के ग्राम सभा रामशाला मे देर रात पुलिस को गांव वालों की तरफ से फोन आता है कि जबरदस्ती कोटेदार पुत्र अनूप कुमार अपने गुर्गों के साथ जनता से जबरदस्ती से अंगूठा राशनकार्ड मसीन में लगवाना शुरू कर दिया जिसके बाद लोगों ने जब विरोध किया तब मारपीट करने लगा गांव के कई लोगों को चोट लगने के बाद मसीन को मौके पर छोड़कर भाग निकले ।
उसके बाद पुलिस को सूचना कोटेदार पुत्र अनूप देता है कि मेरी मसीन को गांव के लोगों ने छीन लिया जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंचती है तो मसीन वंही पड़ी मिलती है , जिसके बाद आनन फानन ने पुलिस ने गांव वालों की तहरीर पर एसएसी एसीटी ,323 504 ,506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया थाना सदना पुलिस के द्वारा ।
किसी गांव के व्यक्ति ने वीडियो ने बना लिया जिसमे मौजूदा विधायक के भांजे जगदीश वीडियो में साफ साफ नजर आ रहा है कि मसीन को वो छीन रहा है लेकिन उस पर मुकदमा न लिखा जाये और सभी गांव के लोग कोटेदार से सुलह समझौता कर ले जिसके चलते विधायक जी ने फर्जी लूट का मुकदमा दर्ज करा दिया है ।
कई बार गांव के लोगों को मारपीट कर चुका है कोटेदार व उनके पुत्रो ने ,कभी राशन बेच लेना ,गांव वालों को गाली गलौज करना ,तमाम शिकायत होने के बाउजूद भी कोटेदार का कोटा निरिष्ट नही किया गया है जब कोटेदार की नही चली तब बीमारी का बहाना बनाकर कोटा चलाने में अपने को असजम बताया जिसके बाद कोटा को गौरिया कोटेदार में अटैच कर दिया गया है उपजिलाधिकारी मिश्रिख के द्वारा ब्लकि उनके लोगों के द्वारा सुलह समझौता का दबाव बनाया भी जाने लगा ।जब ग्राम प्रधान तैयार नही हुए सुलह के लिए तो
ग्राम प्रधान को गाली देते हुए एसडीएम ने अपने ऑफिस से भगा दिया ।पूरे गांव की आबादी एसी आबादी है जबकि विधानसभा क्षेत्र के विधायक भी एसी कोटे से आते सांसद भी लेकिन कोई मदद नही कर पा रहे हैं जनता की क्योंकि जब मौजूदा विधायक जनता के खिलाफ है तब अकेले सांसद जी क्या करें ।
बहुत शिकायते करने के बाद कोई भी जिले का आला अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है ।अब सवाल ये बनता क्या सत्ता धारी विधायक का इतना ख़ौफ़ है अधिकारियो में कि सही गलत नही समझ पा रहे है ,इतना दबाव की जनता इस गांव की बहुत परेशान है ,न राशन न मिलने से लोगों के घरों में खाने को नही रह गया उधर झूठे मुकदमों में गांव के लोगों को फंसाया जा रहा है ,ग्राम प्रधान को व उनके लड़को को भी छूटे मुकदमे में फसा दिया गया है।

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