नीतीश सरकार के लिए ये मुसीबत की घड़ी।

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पटना:मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार (1 मई) को 11 बजे वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से सूबे में कोरोना की स्थिति और उससे निपटने के लिए की जा रही और किये जा रहे तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त सभी आईजी, डीआईजी, डीएम और एसपी मौजूद रहें।
केंद्र से अनुमति मिलने के बाद बिहार के बाहर फंसे लोगों की घर वापसी का रास्ता भले ही साफ हो गया है, लेकिन इसे अंजाम तक पहुंचाना सरकार के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। बिहार सरकार के सामने चुनौती यह है कि बिहार के बाहर फंसे 25 लाख से ज्यादा लोगों को वापस कैसे लाया जाए और उनके वापस आने पर क्वारंटीन कहां किया जाए। इस बड़ी चुनौती को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुछ आवश्यक निर्देश जारी भी कर चुके है।प्रखंड स्तरीय क्वारंटीन सेंटर पर गुणवक्तापूर्ण सुविधाओं के साथ क्षमता बढ़ायी जाएगी।पंचायत स्तरीय विद्यालयो में बने क्वारंटीन सेंटर की भी बढ़ेगी क्षमता।सीमावर्ती आपदा राहत केंद्र में बाहर से आए लोगों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था।बाहर से आये लोगों को स्क्रीनिंग के बाद ही उनके जिला तक ले जाया जाएगा।लोगों को उनके ही जिले में बने प्रखंड स्तर पर क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा।बिहार के बाहर से आने वाले मजदूरों के लिए रोजगार सृजन की व्यवस्था।
मास्क और सेनेटाइजेशन के साथ सोशल डिस्टेसिंग का पूरी तरह से पालन हो।पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता का अभियान चला कर कोरोना मुक्त बिहार बनाया जायेगा।

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