मकर संक्रांति 2020: जानिये इस दिन क्यों खाया जाता है तिल और क्या है इसे दान करने का महत्व?

Headlines India Desk :  मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होता है और खरमास समाप्‍ति के साथ ही शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है। 

मकर संक्रान्ति के मौकै पर तिल और गुड़ के लड्डू खाए जाते हैं. साथ ही तिल का दान भी किया जाता है. हिन्‍दू मान्‍यताओं के मुताबिक तिल शनि देव को बेहद प्रिय है. इस वजह से माना जाता है कि इस दिन तिल का दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं. आमतौर पर लोग मकर संक्रांति पर तिल के अलावा चावल, उड़द की दाल, मूंगफली या गुड़ का भी दान करते हैं। 

सर्दियों में तिल खाने के फायदे

आपको बता दें कि तिल के गर्म तासीर होने की वजह से इसके लड्डू सर्दियों में होने वाली दिक्कतों जैसे सर्दी-खांसी और जोड़ों में दर्द से आराम देते हैं। इसके साथ ही जिन लोगों को ज़्यादा ठंडी लगती है उनके लिए ये लड्डू बहुत फायदेमंद होते हैं। इसे लगातार खाने से शरीर में गर्मी बनी रहती है और ठंड का लगना कम हो जाता है। इसके आलावा अगर आपको कब्ज की परेशानी हो या खाने को पचाने में दिक्कत आती हो तो रोज़ाना इन लड्डुओं को खाएं. जिन्हें तिल पसंद नहीं वो लोग सिर्फ गुड़ खाने से भी इस परेशानी से राहत पा सकते हैं। रोज़ाना तिल के लड्डू का सेवन जोड़ों के दर्द में बहुत राहत देता है. क्योंकि गुड़ और तिल में मौजूद आयरन जोड़ों को मज़बूत बनाता है. आप इन लड्डुओं को रोज़ाना रात को दूध के साथ खाएं. क्योंकि दूध की मदद से कैल्शियम और विटामिन डी भी आपको मिलेगा, जो हड्डियों के लिए और भी फायदेमंद होता है।अगर आप हल्का-सा दौड़ने पर थक जाते हैं या फिर सीढ़ियां चढ़ने से आपकी सांसे फूल जाती हैं तो ये लड्डू आपके लिए कमाल के साबित हो सकते हैं। इन्हें रोज़ाना खाने से शरीर छोटी-छोटी बीमारियों से बचेगा जिससे आपको एनर्जी मिलेगी। 

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