बिहार में कोरोना से मौतों की संख्या में हेराफेरी कर खुद फंसी नीतीश सरकार, जानिए मंगल पांडेय अब क्या दे रहे सफाई

बिहार में कोरोना से मौतों पर सही आंकड़ा छिपाकर पहले तो सरकार देश में वाहवाही लूटी, लेकिन अब सरकार अपने ही कारनामे में फंस गई है। सरकार के अधिकारी ने ही गलती स्वीकारी और मौत के पहले के आंकड़ों पर गलत बताया। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि कोरोना से बिहार में 9429 लोगों की मौतें हुई हैं। सरकार ने पहले कहा था कि सिर्फ 5458 लोगों की मौतें हुई हैं। अब सरकार की फजीहत शुरू हो गई है। इसको लेकर बिहार में राजनीति भी शुरू हो गई है। इस मामले को लेकर विपक्ष आक्रामक मूड में आ गया है। सरकार की हो रही फजीहत पर आज स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को आगे आने पर मजबूर होना पड़ा और सफाई दी। मंगल पांडेय का अब कहना है कि पहले जो आंकड़ा सरकार ने प्रस्तुत किया था उसमें जिलों में हुई मौत को नहीं जोड़ा गया था। लेकिन अब जब जिलों से कोरोना से मरनेवालों की रिपोर्ट आई है तो वह आंकड़ा 9429 है। उनका कहना है कि सरकार लोगों को मदद करना चाहती है। इसलिए रिपोर्ट को सही तरीके से तैयार किया है।

इधर, मौत के आंकड़ों में हेराफेरी को विपक्षी दल हमलावार हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से लेकर जाप प्रमुख पप्पू यादव ने भी सरकार पर करारा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश जी, इतनी झूठ मत बोलिए और अधिकारियों से  बोलवाइए भी नहीं। ऐसा न हो कि उसके बोझ तले दबने के बाद कभी आप उठ भी न पाएं। तेजस्वी ने कहा कि अब जब सरकार फंसी तो एक दिन में 4 हजार मौतों का आंकड़ा बढ़ा दिया। जबकि सही बात या है कि उससे 20 गुणा अधिक मौतें हुई हैं। इधर, जाप प्रमुख पप्पू यादव ने भी सरकार पर हमला किया है। ट्वीट कर उन्होंने कहा कि मंदिर-मस्जिद करनेवाले और कुर्सी-कुर्सी का खेल करनेवालों की पोल खुल गई है। कहा कि वह पहले से कोरोना से लोगों की मौत पर सवाल उठा रहे थे, लेकिन सरकार चुप बैठी थी। अब वह अपने ही जाल में फंस गई है।  

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