आप राशन माफिया के साथ खड़े होंगे तो गरीबों का साथ कौन देगा- केजरीवाल

दिल्ली में हर घर तक राशन पहुंचाने की केजरीवाल सरकार की योजना पर केंद्र की रोक के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 अहम बातें-

1.हम केंद्र से कोई विवाद नहीं चाहते
दिल्ली में अगले हफ्ते से घर-घर राशन पहुंचाने का काम शुरू होने वाला था। सारी तैयारियां हो चुकी थीं, लेकिन आपने अचानक इसे क्यों रोक दिया? PM सर, इस स्कीम के लिए राज्य सरकार सक्षम है और हम केंद्र से कोई विवाद नहीं चाहते। हमें गरीबों के लिए काम करने दीजिए।

2.पहले नाम पर आपत्ति थी, हमने नाम भी बदल दिया
हमने इसका नाम मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना रखा था। आपने तब कहा कि योजना में मुख्यमंत्री नाम नहीं आ सकता। हमने आपकी बात मानकर नाम हटा दिया। अब आपने हमारी योजना यह कहते हुए खारिज कर दी कि हमने केंद्र से अनुमति नहीं ली है। जबकि केंद्र सरकार से इस योजना के लिए हमने 5 बार अनुमति ली।

3.कोर्ट में आपत्ति नहीं की, तो अब क्यों कर रहे
केंद्र ने कोर्ट में हमारी योजना के खिलाफ आपत्ति नहीं की, तो इसे अब क्यों खारिज किया जा रहा है? कई गरीब लोगों की नौकरी जा चुकी है। लोग बाहर नहीं जाना चाहते, इसलिए हम घर-घर राशन भेजना चाहते हैं। कानूनन हमें केंद्र से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है। फिर भी हमने आपको चिट्‌ठी लिखी। अब अगर आप इसे रोक देंगे, तो 70 लाख उन गरीबों का क्या होगा, जिनका राशन ये राशन माफिया चोरी कर लेते हैं।

4.हमें क्रेडिट नहीं चाहिए
केंद्र सरकार के अधिकारी कह रहे हैं कि ये राशन केंद्र का है तो दिल्ली क्रेडिट क्यों ले? मैं क्रेडिट नहीं ले रहा हूं, प्लीज लागू कर दीजिए। दुनिया से कहूंगा कि मोदी जी ने योजना लागू की। ये राशन न आम आदमी पार्टी का है, न भाजपा का। ये राशन तो इस देश के लोगों का है और इस राशन की चोरी रोकने की जिम्मेदारी हम दोनों की है।

5.संकट के दौर में केंद्र सब से लड़ाई कर रहा
इस वक्त देश बहुत भारी संकट से गुजर रहा है। ये वक्त एक-दूसरे का हाथ पकड़कर मदद करने का है। ये वक्त एक-दूसरे से झगड़ने का नहीं है। लोगों को लगने लगा है कि इतनी मुसीबत के समय भी केंद्र सरकार सबसे झगड़ रही है। आप ममता दीदी से झगड़ रहे हैं। झारखंड सरकार से झगड़ रहे हैं। आप लक्षद्वीप के लोगों से झगड़ रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार से लड़ रहे हैं। दिल्ली के लोगों से लड़ रहे हैं। किसानों से लड़ रहे हैं। लोग इस बात से बहुत दुखी हैं सर। ऐसे देश कैसे चलेगा? हम सब आपके ही हैं। हम सब भारतवासी हैं। ऐसे में हम सब आपस में लड़ेंगे तो कोरोना से कैसे जीतेंगे? हमें आपस में लड़ना नहीं है। हम सबको मिलकर कोरोना से लड़ना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *