बिहार में 16 जून से मुखिया जी को मिल जाएगा नया पदनाम

बिहार में 5 जून को त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था का वर्तमान कार्यकाल समाप्त हो रहा है कोरोना की वजह से चुनाव नहीं करवाए जा सके इसलिए अब बिहार सरकार ने पंचायती राज अधिनियम 2006 में संशोधन कर राज्य में नई वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है. राज्यपाल से सहमति मिलने के बाद सरकार ने अध्यादेश जारी कर दिया है. अब इसके तहत पंचायत सिस्टम में पदों के भी नए नाम हो गए हैं.बिहार सरकार के अध्यादेश के अनुसार, ग्राम पंचायत- ग्राम परामर्शी समिति, पंचायत समिति- पंचायत परामर्शी समिति और जिला परिषद- जिला परामर्शी समिति बन जाएगी. मुखिया कहे जाएंगे- प्रधान, परामर्शी समिति, ग्राम पंचायत प्रमुख कहे जाएंगे- प्रधान, परामर्श समिति, पंचायत समिति. जिला परिषद अध्यक्ष कहे जाएंगे- प्रधान परामर्शी समिति, जिला परिषद.

ऐसे बदल जाएगी पूरी व्यवस्था-

बिहार पंचायती राज संशोधन अध्यादेश-2021 के जरिये अब वार्ड, पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद का काम परामर्शी समितियों के जिम्मे होगा. 16 जून से पंचायत के मुखिया परामर्शी समिति के अध्यक्ष होंगे. विघटित पंचायत के सभी निर्वाचित वार्ड सदस्य, पंचायत सचिव, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी ग्राम पंचायत के प्रधान सदस्य रहेंगे. मुखिया का पदनाम प्रधान परामर्शी समिति ग्राम पंचायत होगा. प्रधान परामर्शी समिति वो सभी काम करेगी, जो एक निर्वाचित मुखिया करते हैं.इसी तरह तरह प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, अंचल निरीक्षक और प्रखंड समन्वयक कार्यकारी समिति में सरकार के प्रतिनिधि के रूप में रहेंगे. समिति की बैठक में मौजूद रहेंगे. इन्हें मतदान का अधिकार नहीं होगा. योजनाओं में अनियमितता को रोकने और विभाग के संज्ञान में लाने की जिम्मेदारी इनकी होगी.

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