ग्रामीण इलाकों तक पहुंचा कोरोना

कोरोना की दूसरी लहर ने पूरे भारत को बुरी तरह से प्रभावित किया है ख़ासकर ग्रामीण इलाकों में अब इसका बुरा असर देखने को मिल रहा हैं।
पिछले वर्ष कोरोना बड़े शहरों तक ही सीमित था,कस्बों और ग्रामीण में कहीं-कहीं ही लोगों के बीमार होने की खबरें आती थी,लेकिन इस बार बिहार सहित कई राज्यों में गांव के गांव बीमार पड़े हैं, लोगों की जानें जा रही हैं, हालांकि इनमें से ज्यादातर मौतें आंकड़ों में दर्ज नहीं हो रही हैं, क्योंकि टेस्टिंग नहीं हो पा रही है। विशेषज्ञों की माने तो बिहार,उत्तर प्रदेश,राजस्थान सहित ग्रामीण भारत के लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं दिन-प्रतिदिन गांवों के लोगों में भी बुखार,सर्दी और खांसी के लक्षण देखे जा रहे हैं और ये सभी कोविड-19 के लक्षण हैं। कथित तौर पर लोग मर भी रहे हैं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि शहरी अस्पतालों में आज जिस तरह बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं, आने वाले समय में यही स्थिति जिला अस्पतालों में भी होने वाली है। यह बात सर्वविदित है कि शहरों की अपेक्षा गावों और कस्बों में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति पहले से ही बदहाल है।सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध डेटा ‘हाउ इंडिया लिव्स’ के आधार पर 700 ज़िलों में दर्ज किए गए कोरोना संक्रमण के मामलों पर किए शोध में पाया गया है कि कोरोना वायरस अब ग्रामीण इलाक़ों में तेज़ी से अपने पैर पसार रहा है।

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