बुद्धम् शरणम् गच्छामि..!

26 मई 2021 यानि आज बुद्ध पूर्णिमा का त्योहार है। हिंदू पंचांग के मुताबिक हर साल वैशाख पूर्णिमा के दिन ही इस पर्व को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महात्मा बुद्ध का जन्म इसी दिन हुआ था। जहां हिंदू धर्म के लोग इसे बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाते हैं, वहीं बौद्ध धर्म के लोग इस दिन बौद्ध जयंती मनाते हैं। इस दिन स्नान-दान का विशेष महत्व होता है, ऐसी मान्यता है कि इस दिन धार्मिक कार्य करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही, पितृ तर्पण और पिंड दान करने से भी माना जाता है कि पितरों का आशीर्वाद बना रहता है। हिंदू धर्म में गौतम बुद्ध को भगवान विष्णु का नौंवा अवतार माना गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं-
बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को बदल कर रख दिया है। 100 साल में कोरोना जैसी महामारी नहीं आई। सारे देश मिलकर इससे आज लड़ रहे हैं। बुद्ध पूर्णिमा पर वेसाक वैश्विक समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्कर्स, डॉक्टरों, नर्सों को एक बार फिर सलाम करता हूं जो निस्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं और जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। उनके परिजनों के प्रति शोक व्यक्त करता हूं । वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए वर्चुल संबोधन में पीएम ने कहा कि लोगों की जान बचाने और महामारी को हराने के लिए टीका निश्चित तौर पर महत्वपूर्ण है, यह अहम हथियार है। 

उपराष्ट्रपति ने भगवान बुद्ध के विचारों को अपनाने की अपील की-
वहीं बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस मौके पर लोगों को भगवान बुद्ध की ओर से दिखाए गए करुणा और सहिष्णुता के मार्ग का पालन करना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने कहा- भगवान बुद्ध इस धरती के महानतम आध्यात्मिक गुरुओं में से एक थे। भगवान बुद्ध की ओर से दिया गया शांति, भाईचारे और करुणा का शाश्वत संदेश विश्व के मनुष्यों को नैतिक मूल्यों और संतोष पर आधारित जीवन जीने की दिशा में प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है।

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