महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में बिहार देश में पहले स्थान पर

बिहार में हमेशा से महिलाओं पर खासा ध्यान दिया गया है। चाहे फिर वो महिला सशक्तिकरण की बात हो या फिर उनकी नौकरी की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लड़कियों के लिए कई ऐसी योजनाओं का र्निमाण किया है, जिससे महिलाएं आत्मर्निभर बन सके। क्योंकि आज के युग में लड़कियों का सर्मथ होना बहुत ज़रुरी है। महिलाओं को लड़कों जितना ही अधिकार देना बहुत ज़रुरी है। बिहार में कई ऐसी योजना है, जिससे महिलाओं को लाभ मिल पाया है। आपको जानकर ये बहेद गर्व होगा कि पूरे देश में बिहार महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में सबसे पहले स्थान पर है। इसका सीधा मतलब ये है कि बिहार में इस वक्त महिला पुलिसकर्मि सबसे ज्यादा संख्या में मौजूद हैं।

दरअसल, इंडिया जस्टिस रिपोर्ट 2020 के रैंकिंग के अनुसार बिहार में महिला पुलिस कर्मियों की संख्या पूरे देश में सबसे अधिक हो गई है। आपको बताते चलेंं महिला पुलिस कर्मियों की संख्या कुल बढ़ कर 25.3 प्रतिशत हो गई है, और ये आ़कड़ा देश के बड़े और मध्यम आकार के राज्यों की तुलना में दोगनी से भी अधिक है। बता दें, पूरे बिहार राज्य के लिए ये काफी गर्व की बात है। बाकी सारे राज्यों को इससे प्ररेणा लेनी चाहिए। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि अभी भी बिहार में 27 प्रतिशत पदों पर नियुक्ति होनी बाकी है। जो की एक अहम आकड़ा है।

टाटा ट्रस्ट इंडिया जस्टिस रिपोर्ट के आ़कड़े कुछ इस प्रकार हैं।
बिहार में महिला पुलिसकर्मी की संख्या 25 प्रतिशत से भी अधिक है और अभी भी 27 फीसद पदों पर पुलिस कांस्टेबल की नियुक्ति होना बाकी है तो वहीं अधिवक्तों में भी पीछे नहीं है बिहार की महिलाएं क्योंकि आपको हम बता दें, 19.6 प्रतिशत बिहार की महिलाएं अधिवक्ताओं के पैनल में शामिल हैं। जबकि पैरा लीगल वॉलेंटियर में महिलाओं की हिस्सेदारी 23.8 फीसद है।

दरअसल, बिहार ने उत्तर प्रदेश को भी पीछे छोड़ दिया है, वो इसलिए क्योंकि बिहार में पुलिस अधिकारी की संख्या उत्तर प्रदेश की तुलना में दोगनी है। देश के बड़े और मध्यम आकार के राज्यों की तुलना में भी बिहार में दुगनी संख्या में है महिला पुलिस कर्मी। हलाकि महिला पुलिस अधिकारी में बिहार की हिस्सेहारी 10 फीसद कम है। इस सेगमेंट में तमिलनाडु ने बिहार को पीछे छोड़ दिया है।

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