किसान से पहले खुद महागठबंधन ने किया धरना प्रदर्शन 

किसान आंदोलन को लेकर महागठबंधन आज धरना देने वाली थी, लेकिन धरना की अनुमति नहीं होने के कारण जिला प्रशासन ने धरना के कार्यक्रम को शुरू होने से पहले ही रोक दिया। धरना को लेकर महागठबंधन के कार्यकर्ता गांधी मैदान में सुबह से ही जुटने लगे थे। धरना को लेकर सारी व्यवस्था की गई थी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव  किया समेत बड़े नेताओं को बैठने के लिए गांधी मूर्ति के ठीक नीचे दरी व माइक की व्यवथा की जा रही थी, तभी जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और धरना स्थल से सामान को हटाने लगी।

अब स्थिति ये ही कि किसान के पक्ष में धरना देने वाली महागठबंधन अब प्रशासन से ही दो-दो हाथ करने में जुट गई है। तेजस्वी यादव किसान विरोधी बिल के खिलाफ आज पटना के गांधी मैदान में गांधी मूर्ति के नीचे धरना देने वाले थे, लेकिन जिला प्रशासन ने धरने की अनुमति नहीं दी। जिसके बाद गांधी मैदान के गेट संख्या 4 के बाहर धरना दिया जा रहा है।

राजद के किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुबोध कुमार यादव ने बताया कि जिला प्रशासन नहीं दी है और यही कारण है कि हम लोगों को धरना स्थल से हटने के लिए कहा जा रहा है। जिला प्रशासन से हमलोगों ने अनुमति मांगी थी, लेकिन जानबूझ कर जिला प्रशासन ने सरकार के इशारे पर काम करते हुए धरना की अनुमति नहीं दी है।

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने केंद्र के नए कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए आंदोलन का ऐलान किया है। उनकी अगुवाई में महागठबंधन के नेता आज यानी शनिवार को गांधी मैदान में गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना देंगे। शुक्रवार को राजद कार्यालय में बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र के किसान और मजदूर विरोधी फैसलों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी सहभागी हैं। केंद्र सरकार आज जो बातचीत कर रही है, वह कानून बनाने से पहले होनी चाहिए थी। उन्होंने राज्य के सभी किसानों और संगठनों से बिल के खिलाफ सड़कों पर उतरने की अपील की।

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