किसान आंदोलन को अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा का समर्थन

पटना, 3 फरवरी: कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा भी आगे आई है. इस बारे में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशवाहा राकेश महतो ने कहा कि जो तीन कृषि कानून पास किए गए हैं उससे किसान मजदूर बनने को मजबूर हो जाएंगे. सरकारी कृषि मंडियों को ध्वस्त कर पूंजीपतियों को लाया जा रहा है. कृषि क्षेत्र में उनके आ जाने से किसानों का दोहन शुरू हो जाएगा.

मौके पर उपस्थित कांग्रेस नेता सह अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण सिंह कुशवाहा ने कहा कि सगंठन की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि हम किसानों के इस आंदोलन का पूर्जोर समर्थन करेंगे और तीनों काले कानूनों को वापस लेने के लिए किसान आंदोलन में उनका साथ देंगे.

आगे उन्होंने कहा कि किसानों के समर्थन में हम चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेंगे. महासभा यह मांग करती है कि मंडी सिस्टम उसी तरह चलती रहे जैसे अभी तक चल रही थी. इन कानूनों से किसानों के साथ-साथ आम जन भी प्रभावित होंगे.

प्रवीण सिंह कुशवाहा ने कहा कि केंद्र सरकार अंग्रेजों से भी अधिक क्रूरता दिखा रही है. दो महीने से अधिक समय तक किसानों को ठंड में रहने को मजबूर करने के बाद भी मोदी सरकार मानने को तैयार नहीं है. सरकार किसानों की मांगों को मानते हुए सभी कानून रद्द करे और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाए.

इस दौरान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष शंकर मेहता, कोषाध्यक्ष चंद्रदीप सिंह, कार्यसमिति सदस्य सुबोध, अमन कुशवाहा उपस्थित रहें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *