बिहार में कोरोना की दूसरी लहर के बीच 35% सांसद जनता से दूर

पूरे देश में कोरोना महामारी ने हाहाकार मचा रखा है वहीं अगर बिहार की बात की जाये तो बिहार में कोरोना के सेकेंड वेब में जब आमआदमी ऑक्सीजन, बेड, वेंटिलेटर और दवाइयों के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं तब जनता द्वारा चुने हुए नुमाइंदें क्या कर रहे हैं ? कौन कहां हैं और संकट के समय में जनता के लिए किसने क्या किया है ? इसे जानने के लिए देश के एक प्रतिष्ठित अख़बार ने 40 सांसदों के काम का विश्लेषण किया है। अख़बार द्वारा इस विश्लेषण से पता चला है कि कोरोना काल में करीब आधे सांसद ही अपने लोगों के बीच सक्रिय हैं। इनमें कुछ ऐसे भी हैं जो क्षेत्र में आए नहीं, लेकिन जनता की मदद करते रहे। करीब 35% सांसद ऐसे हैं, जो इस दौरान बिल्कुल भी जनता के काम नहीं आए। खास बात यह है कि इनमें LJP के सांसदों की संख्या ज्यादा है।

7 सांसद 100 दिन से क्षेत्र में नहीं गए

अख़बार द्वारा 22 मई तक की सांसदों की रिपोर्ट देखने पर पता चला कि कम से कम सात सांसद ऐसे हैं, जो बीते 100 दिनों (11 फरवरी 2021 के बाद) से अपने इलाके में नजर नहीं आए हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय (उजियारपुर), रामप्रीत मंडल (झंझारपुर), चिराग पासवान (जमुई) और पशुपति पारस (हाजीपुर) शामिल हैं। वहीं, विजय मांझी (गया), वीणा देवी (वैशाली) और अजय मंडल (भागलपुर) अपने क्षेत्र में रहकर भी जनता को नहीं दिखे। अजय मंडल के कोरोना से निधन की अफवाह भी फैल गई थी। उन्होंने 15 मई को भागलपुर SSP को लेटर लिख इस पर कार्रवाई की मांग की थी।

12 सांसद बीते 30 दिनों से क्षेत्र में नहीं दिखे

बिहार के 12 सांसद ऐसे हैं जो कम से कम 22 अप्रैल के बाद से अपने क्षेत्र में नहीं दिखे हैं। इनमें आरा के सांसद केंद्रीय मंत्री राज कुमार सिंह 24 अप्रैल को अपने क्षेत्र में दिखे थे। आरके सिंह बिहार के पांच केंद्रीय मंत्रियों में एकमात्र सांसद हैं, जो अपने क्षेत्र की जनता के लिए कुछ खास करते नहीं दिखे हैं। बक्सर के सांसद केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे 22 मई को पटना में तो थे, लेकिन अपने संसदीय क्षेत्र में पिछली बार 6 अप्रैल 2021 को ही दिखे थे।
इस लिस्ट में अन्य कुछ प्रमुख नाम राजीव प्रताप रूडी (सारण), रमा देवी (शिवहर), छेदी पासवान (सासाराम), प्रिंस कुमार (समस्तीपुर), राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह (मुंगेर) और चंदन सिंह (नवादा) हैं।

LJP सबसे निष्क्रिय पार्टी

बिहार में LJP के कुल छह सांसद हैं। इनमें पार्टी प्रमुख चिराग पासवान, उनके भाई प्रिंस पासवान, चाचा पशुपति पारस और वीणा देवी चार ऐसे नाम हैं, जिन्होंने कोरोना काल में कुछ नहीं किया है। हाजीपुर से सांसद पशुपति पारस तो लोकसभा चुनाव जीतकर नागरिक अभिनंदन करवाने के बाद से ही क्षेत्र से गायब हैं। चिराग पासवान भी बीते साल नवंबर में खत्म हुए बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अपने क्षेत्र में नहीं गए हैं। चौधरी महबूब अली कैसर (खगड़िया) और चंदन सिंह (नवादा) ही थोड़े सक्रिय दिखे और सांसद निधि से जनता के मदद की कुछ पहल की।

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