मुख्य अभियंता मर्लिन मैजेस्टिक बोले जान को दांव पर लगाते है।

नई दिल्ली : सुधीर गांधी /महासागरों में जहाज पर काम करना इतना आसान कभी नहीं रहा ना होता है! यहां अपनी अलग दुनियां है ! अटलांटिक महासगार से प्रशांत महासागर ,स्वेज कैनाल से पनामा कैनाल, पर्सियन गल्फ से बंगाल की खाड़ी ,गल्फ ऑफ मैक्सिको से मिसिसिपी रिवर , ब्लैक सी से रेड सी या ब्राजील के घने जंगलों अमेजन रिवर से होते हुए महीनों समुन्दर की लहरों पर ,भयकंर हवा के झोखो के बीच ,तेज बारिश ,तूफान को सहते हुए अपने अंतिम डेस्टीनेशन,बिना देरी के पहुचने के लिए हमेशा प्रत्यनशील रहते हैं! पूरा काम कठिन जिम्मेदारियो सुरक्षा ,और भी बहुत से चीज़ो से भरा रहता है! समुन्दर की लहरें बिना किसी पूर्व चेतावनी कभी भी बदतर हो जाती हैं ,खाना ,पीना ,और सोना भी ना के बराबर हो जाता है! लेकिन हम सब अपने आप को ठहरे हुए तालाब वाले पानी की तरह स्वयं को शांत रखने की जदोजहद में लगे रहते ! महीनों लंबे यात्रा के दौरान हम सब कभी-कभी अपने आप को खोया हुए महसूस करते हैं, लेकिन हमें ट्रेंनिग के दौरान बताया गया है यही वह समय है जब अपने आप को और सभी क्रू मेंबर को अधिक मजबूत होने की जरूरत होती है और अपने लक्ष्य से बिना विचलित हुए नए मानक पर हम खड़ा होने की कोशिश करते हैं! आप सभी के लिए रविवार अवकाश का दिन होता है, लेकिन याद रखें रविवार हम जैसे नाविकों के लिए नहीं बनाया गया ! शनिवार की दुपहरी हमेशा अभ्यास और प्रशिक्षण के लिए आरक्षित होती है ,असल मे यह ड्रिल और ट्रेंनिग हमे कठिन मुश्किल में मदद करती हैं! जब कभी हम अपनो के गुजर जाने की खबर कभी सेलिंग के दौरान सुनते हैं तो आप अंदाजा लगा सकते हैं हम कैसा अनुभव कर रहे होंगे,लेकिन फिर भी हम अपने आप को संभालने की भरपूर कोशिश करते हैं! आज कोरोनॉ महामारी के दौरान हम अपने आप को इतना सुरक्षित होने का कभी अनुभव नही किये! बस सबसे बड़ी मुसीबत यहां यह है कि हम उपचार के लिए पेशेवर डॉक्टरों और होस्पिटल वाली सुविधा से महरुम रहते हैं, लेकिन आजकल चीजें बेहतर हो रही हैं और हम चिकित्सा कंपनियों से ऑनलाइन सहायता प्राप्त करने की कोशिश करते हैं !जहाज पर सबसे सुखद वाला दिन पोटेज बिल पर सिग्नेचर करने वाला दिन होता है जिस दिन महीने भर की पारिश्रमिक आप के खाते में स्थान्तरित होती है! दुनियां में ऐसी एकलौती नौकरी है जिसमें स्वयं पर पैसा खर्च किए बिना अनवरत काम करते हैं और कमाए गए सभी पैसे सीधे खातों में बिना टैक्स के क्रेडिट होते हैं। गहरी नींद में सोते समय इंजन के कलपुरजों की खराब होने की आहट और अनगिनत अवाँछित अलार्म ,रोलिंग ,पिचिंग सबसे दुःखद अनुभवों में से एक है! जहाज पर काम करने का एक अलग ही एहसास है! हम और हमारे जैसे हजारो नाविक अपने आप को भाग्यशाली समझते हैं जिन्होंने दुनिया के सातों आश्चर्यों ,सैकड़ो देशो को देखने,समझने,सुनने और सारे महासगार को पार् करने की अनुभूति कर चुके हैं! बंदरगाहों पर लगने के बाद हममें से अधिकांश को यह जानने की उत्सुकता है की बाहर चंद घण्टो के लिए जाने को कब मिलेगा ,नए देश और उनके कल्चर को महसूस करने का अच्छा अवसर हमे मिलता रहता है ! मुझे पता है कि हमें वहां से बाहर आने-जाने के लिए ज्यादा समय नहीं मिलता है, लेकिन फिर भी एक ही जगह पर रहने से बेहतर अनुभव मिलता है। एक नाविक के लिए सबसे खुशी का दिन होता है जब वह जहाज से उतरता है। गैंगवे से नीचे उतरना आपको पूरी तरह से एक अलग एहसास देता है। कभी कभार ऐसा सुनने को मिलता है कि हम भावनाहीन हैं, लेकिन मुझे लगता है इस पूरी दुनिया मे अगर सबसे ज्यादा इमोशनल कोई है तो हम हैं! सिर्फ हम अपने चेहरे पर भावनाओं को हावी होना नहीं दिखाते ,लेकिन हमेशा रहते हैं!जब हमें कोई ऐसी अनहोनी वाली खबर मिलती है तो रोने का भी मन करता है। तनिक भर अच्छी खबरें आने पर हम जबरदस्त मौज करते हैं! अगर किसी का जन्मदिन आता है तो चीफ कुक कुछ अच्छा बनाकर हमे खुश करने की कोशिश करता! हम जानते हैं कि हमारे परिवार,मित्रो को हर छोटे मौकों पर हमारी जरूरत होती है। लेकिन हम यह भी जानते हैं कि वे हमारी नौकरी को समझते हैं और हर समस्या से स्वतंत्र रूप से निपटने में सक्षम हैं।बस यह उनके लिए है जिन्हें लगता है कि मर्चेंट नेवी सिर्फ पैसा ,वर्दी और मौज के लिए हैं,मगर ऐसा नही है!लेकिन अपनो की यादें, बच्चों के बड़े होने का अनुभव ,उनके साथ ना होने का गम, और उन आंखों के लिए जो पल पल हमारी राह देखती हैं उनके लिए ,हमेशा हमें यह सब याद दिलाता की हम सकुशल वापस अपने घर जाएं!
लोग इसे मर्चेंट नेवी कहते हैं और हम इसे जिंदगी!!

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