बिहार के किसान मक्का बेच रहे कौड़ी के भाव।

मधेपुरा. कृषि कार्यों के लिए मिली छूट के बावजूद लॉकडाउन की वजह से किसानों की परेशानी बढ़ी हुई है। क्योंकि उत्पादित मक्के का रेट बाजार में काफी नीचे गिर गया है। खास कर कोसी नदी क्षेत्र के किसानों के लिए साल भर बैठकर खाने के लिए एकमात्र जमा पूंजी मक्का फसल ही होती है।
इस साल मक्का का सरकार द्वारा समर्थन मूल्य भी घोषित नहीं किया गया है। इस कारण किसानों को ज्यादा ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन की वजह से मक्का का रेट प्रति क्विंटल मात्र 900 से 1100 रुपए हो गया है। लिहाजा किसान मजबूर होकर औने-पौने दाम में मक्का बेच रहे हैं या भंडारित कर रहे हैं। जबकि बीते वर्ष यहीं मक्का दो हजार से 2200 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बिका था।
महिषी, सिमरी बख्तियारपुर, सोनवर्षा, बनमा ईटहरी, नवहट्‌टा एवं सौरबाजार सहित अन्य प्रखंड क्षेत्र के किसान मक्के की कीमत लेकर काफी चिंतित हैं। वही कम पूंजी वाले किसान मक्का को तैयार कर भंडारित कर रहे हैं। किसानों की परेशानी यह है कि पहले बेमौसम बरसात में फसल को काफी क्षति पहुंची और अब लॉकडाउन में फसल की सही कीमत भी नहीं मिल रही है। महिषी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत झाड़ा के किसान ठिठर पासवान, मो. केयूम, मो. सफरुद्दीन, रामजतन पासवान, प्रगास मुखिया, अनिरुद्ध साह, मदन पासवान आदि ने बताया कि पहले बेमौसम बरसात में फसल को क्षति पहुंची है और अब तैयार फसल की कीमत भी आधी मिल रही है। ऐसे में किसानों का बजट भी खराब हो रहा है। हालांकि मजबूरी में कुछ किसान औने-पौने दाम पर ही फसल बेच रहे हैं।

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