प्रदेश में 2493 एक्टिव केस जबकि ठीक होकर घर जाने वालों की संख्या हुई 3433।

खनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आने वाले हर प्रवासी कामगार व श्रमिकों को रोजगार मिले, उनकी बराबर सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित हो। इसके लिए माइग्रेशन कमीशन का गठन किया जा रहा है। कोरोना महामारी के इस संक्रमण काल में हर प्रवासी को सुरक्षित लाना प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता है। मुख्यममंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों को ईद की बधाई देते हुए जिला प्रशासन को सहयोग करने का निर्देश भी दिया है। साथ ही यह अपील की कि ईद की नमाज घरों में पढ़ी जाए। सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन ना हो। यह जानकारी रविवार को लोकभवन में कोरोना वायरस के संबंध में किए गए प्रेस कांफ्रेंस में अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने पत्रकारों को दी।
अपर मुख्य सचिव गृह ने कहा कि रविवार को टीम 11 के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रवासी कामगारों व श्रमिकों के वापसी और प्रदेश में ईद के संबंध में की गई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सख्त हिदायत दी। उन्होंने बताया कि सीएम योगी ने निर्देश दिया कि जनपद स्तर पर वेंटिलेटर, पीपीई किट, मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। हर जनपद में एनेस्थेसियोलॉजिस्ट की उपलब्धता की भी समीक्षा कर ली जाए। उन्होंने बताया कि सीएम योगी के निर्देशों का पालन करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एल—1, एल—2 और एल—3 अस्पतालों में बेड्स की संख्या में बड़ा इजाफा किया है। अब इन अस्पतालों को 78 हजार से अधिक बेड्स से लैस कर दिया गया है। आने वाले दिनों में इसे एक लाख तक करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अबतक 23 लाख कामगार व श्रमिकों की वापसी हुई। जिसे देखते हुए सीएम योगी ने स्वास्थ्य विभाग की टेस्टिंग क्षमता को और बढ़ाने का निर्देश देते हुए इसे प्रतिदिन 10 हजार सैंपल टेस्ट करने को कहा है। हालांकि विभाग द्वारा प्रतिदिन लगभग 7 हजार से अधिक टेस्ट प्रतिदिन किये जा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि प्रदेश में आने वाले हर कामगार व श्रमिकों को होम क्वारंटीन में भेजने से पहले उन्हें राशन दिया जाए। उनकी स्किलिंग का डाटा लेने के बाद उनकी स्क्रिनिंग की जाए। यह भी निर्देश दिया कि जब तक व्यक्ति 14 दिन की अपनी क्वारंटीन की अवधि खत्म करे उससे पहले उस व्यक्ति को भरण पोषण भत्ता के रूप में 1 हजार रुपया दे दिया जाए। सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि स्किल मैपिंग में मिले डाटा के आधार पर श्रमिकों व कामगारों को अलग अलग सेक्टरों में समायोजित करने का प्रयास शुरू कर दिया जाए।अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के लिए लगातार श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *