पटना में उठी आवाज सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा करो!

पटना: आपको बता दे कि 4 जून
देश भर में सी ए ए – एनआरसी विरोधी कार्यकर्ताओं पर भाजपा सरकार द्वारा किए जा रहे दमन के खिलाफ आज विभिन्न संगठनों ने अपना प्रतिरोध दर्ज किया। सीए ए – एनआरसी- एनपीआर विरोधी मोर्चा की तरफ से आज शाम 4 बजे बुद्धा स्मृति पार्क पर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और नागरिक अधिकारों के लिए काम कर रहे लोगों को जबरन गिरफ्तार किए जाने के खिलाफ प्रदर्शन किया ।प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि सरकार आम आदमी के हक में काम करने वाले लोगों का दमन कर रही है। वह हमें चुप नहीं कर सकती और हम लगतार जन विरोधी नीतियों और कानूनों के खिलाफ बोलते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि ये शर्मनाक है कि लौक डाउन का फायदा उठा कर पिछले दो महीनों में दिल्ली पुलिस ने जामिया के छात्र सफूरा जरगर, मीरान हैदर, आसिफ इकबाल तन्हा, जेएनयू की छात्राएं नताशा नरवाल और देवांगना कलिता व इशरत जहां, खालिद सैफ़ी, गुलफिषा फातिमा, शर्जील इमाम,शिफा उर रहमान जैसे कार्यकर्त्ता और अन्य सैकड़ों मुस्लिम युवाओं को गिरफ्तार कर लिया है। सीएए-एनआरसी के खिलाफ उभरे व्यापक विरोध प्रदर्शनों को दंडित करने के उद्देश्य से ये सब किया जा रहा है। हाल ही में एएमयू के छात्र फरहान जुबैरी और रवीश अली खान को यूपी पुलिस ने सीएए के विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए गिरफ्तार किया है। यह स्पष्ट है कि अभी गिरफ्तारियों का सिलसिला खत्म नहीं हुआ है और इस लंबी सूची में अन्य कई लोकतांत्रिक कार्यकर्ताओं के नाम जोड़े जाने की संभावना है। इस बीच शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ खुलेआम हिंसा भड़काने वाले कपिल मिश्रा, परवेश वर्मा और अनुराग ठाकुर जैसे लोग बिना किसी कार्यवाही निर्भीक घूम रहे हैं। इससे पहले, सरकार ने भीमा कोरेगांव मामले के बहाने कई लोकतांत्रिक-अधिकार कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों को अपनी गिरफ्त में लिया है और उनके खिलाफ कार्यवाही चला रही है। इसी तरह असम में सीएए-विरोधी कार्यकर्ता अखिल गोगोई को यूएपीए के तहत आरोपित किया गया है, और बिट्टू सोनोवाल, मानस कुंअर, धज्जो कुंअर और कई अन्य आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर प्रताड़ित किया जा रहा है।
मुसलमानों, दलितों,आदिवासियों, श्रमिकों, महिलाओं और सभी हाशिए के समुदायों की नागरिकता पर हमले के खिलाफ लोकतांत्रिक संघर्ष में भाग लेने वाले सीएए-विरोधी कार्यकर्ताओं पर चलाया जा रहा हमला पूरे सीए-एनआरसी-एनपीआर आंदोलन को ध्वस्त करने का व्यवस्थित प्रयास है।हम मांग करते हैं कि सरकार नागरिकों के अधिकारियों के लिए काम कर रहे लोगों पर हमला बंद करे। सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा करे।
हम मांग करते हैं कि -सीएए- विरोधी आंदोलन के सभी कार्यकर्ताओं को रिहा करो!
आज के प्रदर्शन में निवेदिता झा, अनीता,शशि यादव, भाग्य श्री, श्री के डी यादव, फैयाज, विश्वजीत, मोना झा, मनोज चंद्रवंशी, पंकज राहुल,रूपेश,सिस्टर लीमा,गालिब,रविन्द्र नाथ राय, तब जितेंद्र,नीरज ,विजय कांत सिन्हा ,सौरभ , भाग्य भारती, तौफीक आलम सहित कई लोगों ने हिस्सा लिया।
इन लोगों की प्रमुखता से मांगे रही ये प्रतिवाद की लोकतांत्रिक आवाजों पर दमन के बजाय प्रवासी श्रमिकों और मेहनतकश जनता की दुर्दशा पर तत्काल ध्यान दो!
दिल्ली हिंसा के असली अपराधियों को गिरफ्तार करो!
सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा करो!
CAA-NRC-NPR को रद्द करो! यूएपीए को रद्द करो!
सीएए-विरोधी कार्यकर्ताओं का दमन करना बंद करो।
इस प्रकार के प्रदर्शन होने से बिहार में आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी कमजोर हो सकती हैं ये जानकर मानते हैं ।

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